Saturday, December 3, 2022
spot_img

43 लाख रुपए का झूठा आरोप लगाकर फसाया जा रहा है: प्रो दिनेश

निलंबित प्राचार्य ने वर्तमान प्राचार्य पर निकाली जमकर भड़ास

गया : गया कॉलज के निलंबित प्रधानाचार्य डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा ने खुद के खिलाफ जांच कर रही कमेटी पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने शनिवार को प्रधानाचार्य निवास में आयोजित प्रेस वार्ता में वर्तमान प्राचार्य प्रो दीपक कुमार के खिलाफ जमकर भड़ास निकालते हुए कहा कि गया कॉलेज का प्राचार्य हूं। फिर मुझे आवास को खाली करने को क्यों कहा जा रहा है।
उन्होंने जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जांच की कार्रवाई पूरी ही नहीं हुई तो हम 43 लाख रुपये के गबन के आरोपी कैसे हुए। उन्होंने कहा कि दूसरा यह भी कि जांच विश्वविद्यालय की ओर से बिठाई गई है न कि राजभवन कार्यालय की ओर से। उन्होंने वर्तमान प्राचार्य दीपक कुमार पर सोची समझी साजिश के तहत अफवाह फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्राचार्य दीपक कुमार ने हमें आवास पर कब्जा करने का आरोप लगाया है जो कि गलत है। निलंबित प्राचार्य डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा ने कहा कि यूनिवर्सिटी ने सस्पेंड कर लारी दरहेटा कॉलेज अरवल में पदस्थापना करने को कहा गया है। चौथा यह भी कि वर्तमान में प्रिंसिपल दीपक कुमार जहां रहते हैं वहां का एक दिन का किराया 20 हजार रुपए हैं। हमें वह बताएं कि अब तक उन्होंने कितने रुपए बतौर किराया जमा कराया है।
दरअसल गया कॉलेज के प्रिंसिपल कुर्सी के लिए लंबे समय से लड़ाई चल रही है। यूनिवर्सिटी की ओर से कई बार स्थानांतरण किया गया था लेकिन वह हाईकोर्ट से स्टे लेकर फिर प्रिंसिपल की कुर्सी पर बार-बार काबिज हो जा रहे थे। इस बीच वह 43 लाख रुपये के गबन में फंस गए तो यूनिवर्सिटी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया।
43 लाख रुपये के गबन के मामले में निलंबित चल रहे प्रिंसिपल दिनेश प्रसाद सिन्हा ने बताया कि हमने कोई गबन नहीं किया है। कॉलेज की एफडी को तोड़ कर कॉलेज कर्मियों को सैलरी दी है। इस बात कागजी दस्तावेज मौजूद हैं। बावजूद इसके यूनिवर्सिटी ने हमें फंसा रही है।

पॉपुलर खबरें